Chand ke sath kayi dard purane nikale - Lyrics and Translation

 


Lyrics: Chand ke sath kayee dard purane nikale
By Amjad Islam Amjad

Chand ke sath kayee dard purane nikale
Kitne gam the jo tere gam ke bahane nikale

Fasle gul aayee phir ik bar aseerane wafa
Apane hee kuun ke dariya me nahane nikale

Dil ne ik int se tamir kiya tajamahal
Tune ik bat kahee lakh fasane nikale

Dashte tanahayi-e-hijran me khada sochata hu
Hay kya log meraa sath nibhane nikale

Translation: Came

With the moon came so many old pains
So many pains came because of your pain

Flowers are blooming again in the garden of loyalty
I came to bathe in my own blood

One Taj mahal was created with bricks
You said one word and so many stories came out

After separation I stand alone in the desert of solitude and think
Alas! what kind of people came to give me company?

Lyrics in Hindi

चाँद के साथ कई दर्द पुराने निकले
कितने ग़म थे जो तेरे ग़म के बहाने निकले

फ़स्ल-ए-गुल आई फिर इक बार असिरान-ए-वफ़ा
अपने ही ख़ून के दरिया में नहाने निकले

(फ़स्ल-ए-गुल = बसंत ऋतु, बहार का मौसम), (असिरान-ए-वफ़ा = वफ़ा के क़ैदी, वफ़ादार लोग, वफ़ा निभाने वाले)

दिल ने एक ईटं से तामीर किया ताज-महल
तूने इक बात कही लाख़ फ़साने निकले

(तामीर = निर्माण, बनाना, मकान बनाने का काम)

दश्त-ए-तन्हाई-ए-हिज्रा में खड़ा सोचता हूँ
हाय क्या लोग मेरा साथ निभाने निकले

(दश्त-ए-तन्हाई-ए-हिज्रा में = जुदाई के अकेलेपन के जंगल में)

-अमजद इस्लाम अमजद


इसी ग़ज़ल के कुछ और अश'आर:

हिज्र कि चोट अजब संग-शिकन होती है
दिल की बेफ़ैज़ ज़मीनों से ख़ज़ाने निकले

(हिज्र = जुदाई), (संग = पत्थर), (बेफ़ैज़ = जिससे किसी को लाभ न हो, कँजूस)

उम्र गुज़री है शब-ए-तार में आँखें मलते
किस उफ़क़ से मेरा ख़ुर्शीद ना जाने निकले

(शब-ए-तार = अँधेरी रात), (उफ़क़ = क्षितिज), (ख़ुर्शीद = सूरज)

कू-ए-क़ातिल में चले जैसे शहीदों का जुलूस
ख़्वाब यूँ भीगती आँखों को सजाने निकले

(कू-ए-क़ातिल = क़ातिल की गली)

मैंने 'अमजद' उसे बेवास्ता देखा ही नहीं
वो तो ख़ुश्बू में भी आहट के बहाने निकले

(बेवास्ता = बिना कारण)

2 Comments